Monday, 15 May 2017

Facebook ने डिलीट किए 30 हजार से ज्यादा अकाउंट, ये है वजह

फेसबुक ने पिछले महीने फ्रांस के 30 हजार यूजर्स के अकाउंट डिलीट कर दिए थे। कंपनी ने बताया था कि ये अकाउंट फेक थे जो फेक न्यूज, स्पैम और मिसलीडिंग खबरों को प्रमोट कर रहे थे। अब फेसबुक ने यूके के हजारों यूजर्स के अकाउंट डिलीट कर दिए हैं। साथ ही, कंपनी फेसबुक रीडर्स को अलग-अलग प्लैटफॉर्म पर ऐड देकर समझा रही है कि फेक न्यूज को कैसे स्पॉट करते हैं। फेसबुक ऐसे कर रही है अवेयर...

Facebook ऐड में लोगों को बता रही है कि किसी भी मिसलीडिंग न्यूज पर विश्वास न करें और सबसे पहले न्यूज का URL चेक करें। फेसबुक का कहना है कि कुछ टिप्स को फॉलो कर रीडर्स मिसलीडिंग इन्फॉर्मेशन फैलाने वाले फेक अकाउंट को आसानी से डिटेक्ट कर सकते हैं।
पहले फेसबुक फेक न्यूज वाली कम्प्लेन्ट पर ध्यान नहीं दे रही थी। अब कंपनी ने स्ट्रिक्ट एक्शन लिया है। यूके के इलेक्शन को इसका कारण बताया जा रहा है। फेसबुक बाकी देशों के फेक यूजर्स के अकाउंट भी डिलीट करेगी।

ऐसे पहचानें फेक न्यूज
facebook जल्दी ही नई पॉलिसी और लॉ लेकर आ रही है। यह फेक अकाउंट और फेक न्यूज को रोकने के लिए काम करेगी। फेक न्यूज को डिटेक्ट करने के लिए फेसबुक ने कुछ टिप्स दिए हैं।
1. संदिग्ध टाइटल पर ध्यान दें।
2. वेब पेज ऐड्रेस को चेक करें।
3. सोर्स पर ध्यान दें।
4. इंटरनेट पेज पर unusual फॉर्मेटिंग तो नहीं की जा रही, इसका ध्यान रखें।
5. फोटोज को देखें।
6. डेट कन्फर्म करें।
7. टेस्टिमोनियल को पढ़ें।
8. टेक्स्ट के आखिर में कहीं ये तो नहीं लिखा है कि ये जोक या सटायर है, चेक कर लें।

ऐसे आपके अकाउंट को ब्लॉक कर सकती है फेसबुक
अगर यूजर्स फेसबुक की पॉलिसी को फॉलो नहीं करते हैं तो फेसबुक उनके अकाउंट को कुछ दिनों के लिए ब्लॉक कर देती है। इसमें अश्लील पोस्ट करना, अनगिनत फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजना और कई सारे ग्रुप बनाना जैसी बातें शामिल हैं।

iphone 7 के मुकाबले MI Max Prime में है बड़ी स्क्रीन, पॉवरफुल बैटरी

चीनी स्मार्टफोन कंपनी श्याओमी का लेटेस्ट स्मार्टफोन MI Max Prime सभी नये फीचर्स से लैस है। iphone 7 से इसका कम्पेरिजन किया जाए तो Max Prime स्क्रीन से लेकर बैटरी तक के मामले में iphone 7 से आगे है। जबकि दोनों स्मार्टफोन की कीमत में करीब 30 हजार रुपए का डिफरेंस है। कम कीमत में ज्यादा फीचर का यूज करना चाहते हैं तो MI Max Prime को आप चुन सकते हैं।


डिस्पले

MI Max Prime में 6.4 इंच की बड़ी स्क्रीन दी गई है। जबकि iphone 7 में 4.7 इंच की स्क्रीन है। यानि बड़ी स्क्रीन आपके प्रिफरेंस में है तो MI Max Prime को आप चुन सकते हैं। दोनों ही फोन टचस्क्रीन हैं। MI Max Prime का रेजोल्यूशन 1080X1920 है। वहीं iphone 7 का रेजोल्यूशन 750X1334 है।
बैटरी

रेडमी MI Max Prime में 4850mAH की बैटरी दी गई है। वहीं iphone 7 में 1960mAH की बैटश्री है। वजह के मामले में Max Prime 230 ग्राम का है तो iphone 138 ग्राम का है।

रैम

MI Max Prime में 4GB रैम दी गई है। जबकि iphone 7 की रैम 2GB है। वहीं MI Max Prime की रोम 128GB है। iphone 7 की रोम 32GB है।
एक्सपेंडेबल स्टोरेज

MI Max Prime में कंपनी ने एक्सपेंडेबल स्टोरेज का फीचर दिया है यानि माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए आप इसकी स्टोरेज कैपेसिटी बढ़ा सकते हैं जबकि iphone 7 में एक्सपेंडेबल स्टोरेज की सुविधा नहीं है।

मरा

बैटरी, स्क्रीन के अलावा कैमरे के मामले में भी MI Max Prime आगे है। इसमें 16MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जबकि iphone 7 का फ्रंट कैमरा 7MP का है। फ्लैश का फीचर दोनों ही डिवाइस में है। MI Max Prime का बेक कैमरा 5MP का है, जबकि iphone 7 में 7MP का बेक कैमरा है।
ऑपरेटिंग सिस्टम

MI Max Prime मार्शमैलो पर रन करता है। जबकि iphone 7 IOS 10 पर रन करता है।

कनेक्टिविटी

MI Max Prime में दोनों सिम 4G/Volte पर चलेंगी। iphone 7 में एक ही सिम है, जो 4G/LTE पर चलती है। यानि MI Max Prime में कॉलिंग क्वालिटी पर ज्यादा फोकस किया गया है।

प्राइस

MI Max Prime की कीमत 18 हजार 999 रुपए है। वहीं iphone 7 48 हजार 990 रुपए में अवेलेबल है। फीचर्स के हिसाब से देखा जाए तो MI Max Prime में किसी तरह की कमी नहीं। बड़े डिस्पले और बैटरी की सुविधा भी इसमें मिल रही है। यानि कम पैसे में यह, फायदे का सौदा हो सकता है।

Sunday, 14 May 2017

इस फीचर फोन से चार्ज कर सकते हैं अपना स्मार्टफोन, फीचर्स हैं खास

आज की दुनिया में स्मार्टफोन हमारे जीवन का एक जरूरी हिस्सा बन गया है। वे हमें जुड़े रहने में मदद करते हैंहमारे दैनिक दिनचर्या के माध्यम से नेविगेट करते हैंऔर इंटरनेट पर उपलब्ध बड़ी मात्रा में जानकारी तक पहुंचते हैं। हालाँकिस्मार्टफ़ोन का एक नकारात्मक पक्ष उनकी बैटरी लाइफ है। भारी उपयोग के साथस्मार्टफोन की बैटरी लाइफ को जल्दी खत्म होते देखना असामान्य नहीं हैजिससे हम संचार के किसी भी साधन के बिना फंसे रह जाते हैं। लेकिन क्या होगा अगर हमने आपसे कहा कि आप अपने स्मार्टफोन को फीचर फोन से चार्ज कर सकते हैंहांआपने उसे सही पढ़ा है!

फीचर फोनजिसे बेसिक फोन के रूप में भी जाना जाता हैएक मोबाइल फोन है जिसमें स्मार्टफोन की तुलना में सीमित सुविधाएं होती हैं। इन फोनों में आमतौर पर एक साधारण यूजर इंटरफेसबुनियादी हार्डवेयर और सीमित कनेक्टिविटी विकल्प होते हैं। हालाँकिउनकी एक विशेषता है जिसे अक्सर अनदेखा कर दिया जाता हैऔर वह है अन्य उपकरणों को चार्ज करने की उनकी क्षमता।अधिकांश फ़ीचर फ़ोन USB पोर्ट के साथ आते हैंजिनका उपयोग स्मार्टफ़ोन सहित अन्य उपकरणों को चार्ज करने के लिए किया जा सकता है। अपने स्मार्टफोन को फीचर फोन से चार्ज करने के लिएआपको केवल एक यूएसबी केबल की जरूरत है जो दोनों उपकरणों को कनेक्ट कर सके। एक बार जब आपके पास केबल आ जाएतो एक छोर को फीचर फोन के यूएसबी पोर्ट से और दूसरे छोर को अपने स्मार्टफोन के चार्जिंग पोर्ट से कनेक्ट करें। फीचर फोन चालू करेंऔर आपका स्मार्टफोन चार्ज होना शुरू हो जाएगा।

प्रक्रिया सरल लग सकती हैलेकिन अपने स्मार्टफोन को चार्ज करने के लिए फीचर फोन का उपयोग करते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। सबसे पहलेआपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि फीचर फोन में आपके स्मार्टफोन को चार्ज करने के लिए पर्याप्त बैटरी लाइफ हो। अगर फीचर फोन की बैटरी कम हैतो हो सकता है कि यह आपके स्मार्टफोन को पूरी तरह से चार्ज न कर पाए। दूसराआपको यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि दोनों डिवाइस एक-दूसरे के साथ संगत हों। हो सकता है कि कुछ स्मार्टफोन यूएसबी पोर्ट के माध्यम से चार्जिंग को सपोर्ट न करेंऔर कुछ फीचर फोन में कुछ स्मार्टफोन को चार्ज करने के लिए पर्याप्त पावर न हो।

फीचर फोन के साथ अपने स्मार्टफोन को चार्ज करना सबसे कुशल तरीका नहीं हो सकता हैयह उन स्थितियों में एक लाइफसेवर हो सकता है जहां आपके पास पावर स्रोत तक पहुंच नहीं है। उदाहरण के लिएयदि आप कैंपिंग ट्रिप पर हैंऔर आपके स्मार्टफोन की बैटरी खत्म हो जाती हैतो आप इसे चार्ज करने और कनेक्टेड रहने के लिए फीचर फोन का उपयोग कर सकते हैं।

अंत मेंएक फीचर फोन में स्मार्टफोन की सभी घंटियाँ और सीटी नहीं हो सकती हैंलेकिन इसमें एक छिपा हुआ रत्न है जो अविश्वसनीय रूप से उपयोगी हो सकता है। अपने स्मार्टफोन को फीचर फोन से चार्ज करना एक सरल प्रक्रिया है जो आपको संचार के साधन के बिना फंसे होने से बचा सकती है। तो अगली बार जब आपकी बैटरी खत्म हो रही होऔर बिजली का कोई स्रोत नजर न आ रहा होतो एक फीचर फोन लें और चार्ज करें!

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इस फीचर फोन से चार्ज कर सकते हैं अपना स्मार्टफोन


अगर आप नोकिया 3310 खरीदने का मन बना चुके हैं, तो रुक जाइए पहले इस खबर को पढ़ लीजिए। हांगकांग की कंपनी Zuri ने Power Bank U28 फीचर फोन लॉन्च किया है जो बैटरी मामले स्मार्टफोन को भी पीछे छोड़ देता है। फोन में 4000mAh की बैटरी दी हुई है। जो कई दिनों तक चलती हैं। स्मार्टफोन को भी कर सकते हैं चार्ज...
 
  
इस फोन से यूजर अपने स्मार्टफोन्स को भी चार्ज कर सकते हैं। यह पावरबैंक की तरह काम करता है।  इस फोन की कीमत 3300 रुपए के लगभग होगी। नोकिया 3310 को मिले शानदार रिस्पांस के बाद कंपनियां अच्छे बैटरी बैकअप वाले फोन लॉन्च कर रही हैं।


Zuri U28 नाम के इस फोन में 4,000mAh की बैटरी लगी हुई है। साथ में 32MB की रैम, बैक कैमरा, टार्च, ड्युल सिम, जीपीआरएस और रेडियो जैसे फीचर दिए गए हैं। Zuri U28 में OTG सपोर्ट दिया गया है, जिसकी मदद से दूसरे स्‍मार्टफोन को कनेक्‍ट करके फोन चार्ज किया जा सकता है।


WhatsApp पर ऐसे कर सकते हैं ब्लैंक मैसेज Send, ये है छोटी सी Trick

WhatsApp से जुड़ी कई ऐसी ट्रिक और ऐप्स हैं जो कई मौके पर बहुत काम आते हैं। इन ऐप्स का इस्तेमाल यूजर टाइम पास और दूसरों को सरप्राइज देने के लिए कर सकता है। ऐसे ही एक ऐप का नाम है EmptyWhats. ये एक ऐसा ऐप है जिसकी मदद से कोई यूजर WhatsApp पर ब्लैंक मैसेज भेज सकता है। ब्लैंक मैसेज भेजने का फीचर अभी वॉट्सऐप पर मौजूद नहीं है। ऐसे में आप ब्लैंक मैसेज भेजकर सामने वाले यूजर को चौंका सकते हैं।







यूज्ड प्लास्टिक की बोतल से घर पर बनाएं पावरफुल कैमरा लेंस, ये हैं Steps

घर में यूज्ड किए गए कई ऐसे प्रोडक्ट होते हैं जिनकी मदद से स्मार्टफोन से जुड़ी एक्सेसरीज बनाई जा सकती है। यूज्ड कोल्डड्रिंक या पानी की बोतल से यूजर पावरफुल कैमरा लेंस बना सकता है। इस लेंस की खास बात होती है कि इसका जूम काफी बेहतर होता है। यानी दूर का ऑब्जेक्ट इससे पास दिखता है। साथ ही, किसी क्लोजअप ऑब्जेक्ट को बेहतर ढंग से कैप्चर किया जा सकता है। इस लेंस को बनाने की प्रॉसेस भी काफी आसान है। इन चीजों की होगी जरूरत...
 

- लेंस बनाने के लिए एक प्लास्टिक की साफ बोतल चाहिए।
- बोतल कटिंग के लिए पेपर नाइफ
- चिपकाने के लिए फेवीक्विक या कोई ग्लू
- एक इंजेक्शन (निडिल के साथ)









Free App मोबाइल को बना देता है CCTV, ये है पूरी प्रॉसेस

आपका स्मार्टफोन आपके घर और शॉप की सिक्युरिटी दुनिया के किसी भी कोने से कर सकता है। प्ले स्टोर पर मौजूद IP Webcam ऐप की मदद से आपका स्मार्टफोन पावरफुल कैमरा बन जाता है। ये फ्री ऐप है, यानी स्मार्टफोन को सिक्युरिटी कैमरा बनाने के लिए पैसे खर्च नहीं करने होंगे। इस प्रॉसेस के लिए यूजर के पास ऐसा एंड्रॉइड स्मार्टफोन होना चाहिए जिसमें कम से कम एक कैमरा जरूर हो।
 

IP Webcam ऐप के फीचर्स :
 
- ऐप के जरिए यूजर किसी भी स्मार्टफोन या PC पर उस जगह का लाइव वीडियो देख सकता है, जहां पर वो स्मार्टफोन फिट है।
- यदि स्मार्टफोन में रियर और फ्रंट दोनों कैमरा हैं, तब दोनों कैमरा से लाइव वीडियो देख सकते हैं।
- यूजर लाइव वीडियो को रिकॉर्ड भी कर सकता है। साथ ही, फोटो भी कैप्चर कर सकता है।
- नाइट में वीडियो की क्वालिटी बेहतर आए इसके लिए नाइट विजन मोड भी दिया है।
- यदि स्मार्टफोन में LED फ्लैश दिया है तब यूजर उसे भी दूर बैठकर ऑपरेट कर सकता है।
 
रूट करने की नहीं होती जरूरत :
 
- IP Webcam ऐप का यूज बिना किसी रूट के किया जा सकता है।
- रूट करने के लिए स्मार्टफोन की सेटिंग में चेंजेज करने होते हैं। ये प्रॉसेस यूजर के लिए आसान नहीं होती।
- जिस स्मार्टफोन को CCTV कैमरा में कन्वर्ट करना है उसमें IP Webcam ऐप इन्स्टॉल करना होती है।
IP Webcam ऐप को इन्स्टॉल करने के लिए यहां क्लिक करें।
 
IP Webcam ऐप के बारे में :
 
- इस ऐप का साइज करीब 33MB है। हालांकि, अलग डिवाइस पर इसका साइज भी अलग होगा।
- ये ऐप सभी एंड्रॉइड वर्जन पर आसानी से काम करेगा।
- इस ऐप को अब तक 5 करोड़ से ज्यादा बार इन्स्टॉल किया गया है।
- ऐप को Pavel Khlebovich डेवलपर ने डिजाइन किया है। ये इस तरह के ऐप पर काम करते हैं।

Unknown यूजर नहीं देख पाएगा आपकी WhatsApp प्रोफाइल Pic, ये है सेटिंग

WhatsApp में अब कई नए फीचर्स ऐड हो चुके हैं। लगातार अपडेट के चलते ऐप का साइज भी बढ़ता जा रहा है। बीटा वर्जन में इसका साइज 190MB हो चुका है। वॉट्सऐप में सिक्युरिटी से जुड़े कई फीचर्स होते हैं। इनमें आपका आपका प्रोफाइल फोटो, लास्ट सीन, स्टेटस और अबाउट के ऑप्शन शामिल हैं। ये सभी बहुत पुराने फीचर्स हैं, लेकिन आज भी कई यूजर्स इनके बारे में नहीं जानते। खासकर, वॉट्सऐप पर आने वाले नए यूजर्स को इन सिक्युरिटी फीचर्स के बारे में पता नहीं होता। इन फीचर्स से कैसे प्रोफाइल को सिक्योर किया जाता है, हम बता रहे हैं।
 

प्रोफाइल सिक्युरिटी के लिए फॉलो करें ये स्टेप :
 
यूजर को अपनी WhatsApp प्रोफाइल सिक्योर करने के लिए इन स्टेप को फॉलो करना होगा। उसे मेन्यु बार से WhatsApp => Settings => Account => Privacy पर जाना होगा। यहां पर आपको प्रोफाइल सिक्युरिटी से जुड़े चार फीचर नजर आएंगे।
 
1. Last seen
2. Profile photo
3. About
4. Status
 
ये सभी फीचर्स यूजर की प्रोफाइल से जुड़े होते हैं। यदि इनमें से एक में भी गलत ऑप्शन सिलेक्ट कर लिए जाएं तब प्रोफाइल फोटो के साथ स्टेटस के बारे में भी दूसरा यूजर जान सकता है।
 
WhatsApp में डिफॉल्ट है ये सेटिंग :
 
पहली बार WhatsApp को इन्स्टॉल करने पर प्राइवेसी से जुड़ी सेटिंग डिफॉल्ट होती है। यानी उसमें आपकी प्रोफाइल फोटो, स्टेटस, लास्ट सीन और अबाउट के फीचर्स को देखने की परमिशन दूसरे यूजर को होती है। ऐसे में जरूरी है यूजर को अपनी प्रोफाइल से जुड़ी सिक्युरिटी सेटिंग को जरूर चेक कर लेना चाहिए।
 

In Depth स्टोरी, फिंगरप्रिंट स्कैनर किस तरह करता है काम, जानें इससे जुड़ी सभी डिटेल्स

In Depth स्टोरी, फिंगरप्रिंट स्कैनर किस तरह करता है काम, जानें इससे जुड़ी सभी डिटेल्सIn Depth स्टोरी, फिंगरप्रिंट स्कैनर किस तरह करता है काम, जानें इससे जुड़ी सभी डिटेल्स
फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल न सिर्फ फोन में बल्कि आपके लैपटॉप, और आपके जरुरी पेपर में भी आपके फिंगरप्रिंट लिए जाते है
नई दिल्ली(जेएनएन)। मार्किट में अब ज्यादातर स्मार्टफोन्स फिंगरप्रिंट स्कैनर के साथ लॉन्च होने लगे हैं।स्मार्टफोन के खास फीचर्स में फिंगरप्रिंट सेंसर भी है जिसकी यूजर्स में काफी डिमांड देखी गई है। स्मार्टफोन में लगे फिंगरप्रिंट सेंसर को आप अपने फोन अनलॉक करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। फिंगरप्रिंट सेंसर आपके फोन को सिक्योर रखता है ताकि आपका फोन कोई और अनलॉक न कर सके। इसके अलावा फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल न सिर्फ फोन में बल्कि आपके लैपटॉप और आपके जरुरी डॉक्यूमेंट्स में भी आपके फिंगरप्रिंट लिए जाते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि आपके फोन का फिंगरप्रिंट सेंसर कैसे काम करता है? तो आइये जानते हैं...
क्या है फिंगरप्रिंट सेंसर?
साधारण शब्द में, हम इसे एक ऐसे सिस्टम के रूप में बता सकते हैं जो आपकी उंगली की सतह को स्कैन करता है जो उन्हें एक कोड में बदल देता है जिसे डाटाबेस के विरुद्ध सत्यापित करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। यदि आप सावधानीपूर्वक पालन करते हैं, तो आपको यह पता चल जाएगा कि एक सुरक्षा प्रणाली में विभिन्न प्रकार के फिंगरप्रिंट स्कैनर का उपयोग किया जाता है। आइये देखते हैं कि वे क्या हैं?
ऑप्टिकल स्कैनर
Optical scanner
ऑप्टिकल स्कैनर आपके फिंगरप्रिंट के ऊपर एक ब्राइट कलर डालता है जो आपके फिंगरप्रिंट की डिजिटल फोटो कैप्चर करता है। इसके बाद यह डिजिटल फोटो आगे के वेरिफिकेशन के लिए कंप्यूटर में फीड किया जाता है। यह हल्के-संवेदनशील माइक्रोचिप जैसे CCD, चार्ज-कपल डिवाइस या CMOS इमेज सेंसर डिजिटल फोटो बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। यह इमेज अपने आप आपके फिंगरप्रिंट को कोड में बदलता है।
कैपेसिटिव स्कैनर
Capacitive scanner
कैपेसिटिव स्कैनर आपकी फिंगर को इलेक्ट्रिकली रूप से मापकर काम करता है। क्योंकि आपके हाथ के प्रत्येक उंगलियों के बीच में दूरी होती है, कैपेसिटिव स्कैनर इन्हीं दूरियों को कैलक्यूलेट कर आपके फिंगरप्रिंट की एक इमेज बनाता है। इस तरह के स्कैनर आईफोन और आईपैड में दिए टचस्क्रीन के समरूप हैं। हम आपको बताएंगे कि यह प्रक्रिया कैसे पूरी होती है, जब आप अपने फिंगर को स्कैनर में डालते हैं। तो आइये जानते हैं...
सबसे पहले, स्कैनर डिवाइस में जहां आप उंगली रखते हैं वह एक ब्राइट लाइट जलती है। ग्लास के जरिये ये लाइट आपकी उंगली को छू कर वापस CCD या CMOS इमेज सेंसर पर रिफ्लेक्ट करती है। अगर इमेज कैप्चर प्रोसेस में ज्यादा समय लगता है तो इमेज सेंसर पर इमेज ब्राइट होगी। इस टेस्टिंग के लिए एक एल्गोरिथ्म का उपयोग किया जाता है। यह आपको बताता है कि कैप्चर किया गया इमेज बहुत हल्का है या गहरा। जिसके बाद एक बीप की आवाज आती है जो आपको अलर्ट करता है और फिर से आपको पहले प्रोसेस पर वापस ले जाता है।
But what happens when someone tries to scan their fingerprint?
ये डिवाइस आपको तब भी अलर्ट करता है जब कैप्चर किए गए इमेज में कोई ऑल्टरनेटिव लाइट और पर्याप्त लाइट न हो। इन टेस्ट्स के बाद, बीपिंग के जरिए स्कैनर आपको बताता है कि इमेज सही है या दूसरे LED इंडिकेटर का इस्तेमाल करना है। अब एक्सेप्ट की गई इमेज फ्लैश मैमोरी में सेव हो जाती है। जो फिर अगले चरण के लिए एक कंप्यूटर में प्रेषित किया जाता है। अब यह कम्प्यूटर का काम होगा कि इमेज को डाटाबेस में सेव रखना है या डाटाबेस में पहले से सेव फिंगरप्रिंट से कम्पेयर करना है। आमतौर पर इमेज की साइज 512×512 पिक्सेल होती है। जबकि स्टैण्डर्ड इमेज 2.5cm (1 इंच) वर्ग होती है।